अमेरिका-ईरान तनाव के बीच सोना स्थिर, चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, निवेशक अलर्ट

खबर सार :-
वैश्विक अस्थिरता और अमेरिका-ईरान तनाव के बीच सोना फिलहाल सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है, जबकि चांदी पर दबाव बना हुआ है। निवेशकों की नजर अब भू-राजनीतिक घटनाक्रम, डॉलर की चाल और अमेरिकी नीतियों पर टिकी है। हालांकि लंबी अवधि में सोना और चांदी दोनों ने मजबूत रिटर्न देकर सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में अपनी स्थिति मजबूत की है।

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच सोना स्थिर, चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, निवेशक अलर्ट
खबर विस्तार : -

Gold Silver Rate Today: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच मंगलवार को घरेलू वायदा बाजार में सोने की कीमतें सीमित दायरे में कारोबार करती दिखीं। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने का 5 जून 2026 कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 1,59,401 रुपए के मुकाबले 498 रुपए यानी 0.31 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,59,899 रुपए पर खुला। हालांकि शुरुआती तेजी के बाद बाजार में हल्की मुनाफावसूली भी देखने को मिली।

सर्राफा बाजार में आज सुबह करीब 10 बजे सोना केवल 20 रुपए की मामूली बढ़त के साथ 1,59,421 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखाई दिया। कारोबारी सत्र के दौरान सोने ने 1,59,161 रुपए का निचला स्तर और 1,59,899 रुपए का ऊपरी स्तर छुआ। विशेषज्ञों के अनुसार निवेशक फिलहाल बड़े दांव लगाने से बच रहे हैं और वैश्विक राजनीतिक घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।

चांदी पर दबाव, निवेशकों ने दिखाई सतर्कता

जहां सोना स्थिर बना रहा, वहीं चांदी में कमजोरी का रुख देखने को मिला। एमसीएक्स पर चांदी के 3 जुलाई 2026 कॉन्ट्रैक्ट की शुरुआत 380 रुपए की गिरावट के साथ 2,76,271 रुपए पर हुई। पिछला बंद भाव 2,76,651 रुपए था। खबर लिखे जाने तक चांदी 2,351 रुपए यानी 0.85 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 2,74,300 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। कारोबारी सत्र में चांदी ने 2,74,236 रुपए का न्यूनतम स्तर और 2,76,666 रुपए का उच्चतम स्तर दर्ज किया। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि औद्योगिक मांग में नरमी और वैश्विक अनिश्चितता के कारण चांदी में दबाव बढ़ा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी नरमी, डॉलर इंडेक्स पर नजर

विदेशी बाजारों में भी सोने और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट देखी गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 0.35 प्रतिशत टूटकर 4,542 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि चांदी 1.32 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76.47 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखी। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी डॉलर में उतार-चढ़ाव और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता की वजह से कीमती धातुओं में अस्थिरता बनी हुई है। निवेशकों का फोकस अब अमेरिका की अगली आर्थिक नीतियों और वैश्विक तनावों पर है।

अमेरिका-ईरान तनाव ने बढ़ाई बाजार की चिंता

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि हालिया घटनाक्रम में अमेरिका ने ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई को फिलहाल टाल दिया है। इससे बाजार में कुछ राहत जरूर देखने को मिली, लेकिन अनिश्चितता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि कतर, सऊदी अरब और यूएई के सुझावों के बाद अमेरिका ने ईरान पर प्रस्तावित हमला स्थगित कर दिया है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच शांति वार्ता की संभावनाओं पर बातचीत जारी है। इस बयान के बाद वैश्विक बाजारों में जोखिम लेने की भावना थोड़ी बेहतर हुई, जिसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी दिखाई दिया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में हल्की नरमी दर्ज की गई।

एक साल में सोना-चांदी ने दिया शानदार रिटर्न

कीमती धातुओं ने पिछले एक वर्ष के दौरान निवेशकों को मजबूत रिटर्न दिया है। डॉलर के मुकाबले सोने ने करीब 40 प्रतिशत का रिटर्न दिया है, जबकि चांदी ने लगभग 135 प्रतिशत की शानदार तेजी दर्ज की है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और सुरक्षित निवेश विकल्पों की बढ़ती मांग ने सोने और चांदी की कीमतों को मजबूती दी है। आने वाले समय में यदि वैश्विक तनाव बढ़ता है तो निवेशकों का रुझान फिर से सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ सकता है।

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